हमनवा

जिस्मों के बीच बना कर फासला 

आता है तुझे , मन की दूरी मिटाना 

बात बेबात पर, न जाने क्यूं 

तेरा मुझ पर सबसे ज्यादा हक ज़माना

तू और तेरी बातों की खूबसूरती है इस कदर

उसे आता है, सब भूली भटकी यादें मिटाना 

ना ही हो पर जब जाओ इस दिल को छोड़कर 

बस दो दिलों को ज़रूर बताना

।।

मेरी आंखों से देख तू कितनी प्यारी लगती है

अपनों की हर जान दुलारी लगती है

कोई क्यों न करे दोस्ती तुझसे 

तू हमें यूं ही हमारी लगती है

।।

तेरी आंखों में डूब जाऊं 

तेरे जिस्म में समा कर

तेरे होंठों से पी जाऊं तुझे 

अपने होंठों से लगाकर 

और फिर तू उठा दे मुझे जोर से,

मैं फिर सो जाऊं तुझमें, तुझको सुला कर

।।

तूझसे मिलना एक ख्वाब था मेरा 

एक ख्वाब जो एक तूफान को शांत कर आया है

दिल के बाजार में कई तमाशे हुए थे 

तुम्हारे सामने उन तमाशों का ज़िक्र जाया है

मैने काफी कोशिश की थी खुद से मिलने की 

अब तुमसे मिलकर ही मैंने खुद को पाया है 

।।

तुम हसरत थी, अब हकीकत भी हो

सिर्फ ख्वाब में नहीं, असली दौलत भी हो 

तुम्हारे गम से मर जाएंगे लोग 

तुमसे प्यार में कभी फुर्सत भी हो

कोई कैसे छोड़ कर जाए तुझे 

तुम तो नशे से बड़ी आदत हो

दास्तान का पता नहीं,कब ख़त्म हो जाए

तुम ही मेरी पहली आखरी मुहब्बत हो

।।

हाए, तुम कितनी प्यारी लगती हो 

क्यूं फिर, मेरी सारी की सारी लगती हो 

   

                                                           - शिनाख्त 

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