इश्क़ बाद में
छोड़ दिया है दिल का ज़ख्म वक़्त पे देख लेंगे हम जैसा होगा प्यार, देखा जाएगा ना मिला तो क्या है ग़म ज़िंदगी बनाएंगे अच्छी वक़्त के ग़ुलाम नहीं सनम काम में कर लिया दिल पत्थर अब चाहे रूठ जाए सनम और भी मिल जाएंगे आगे जब संभल जाएंगे क़दम – शिनाख्त