तलाश

मेरी बस यही मूँडता  है 

ये चेहरा आँखें ढूँढता हैं 


इंसान बात गया हर तरह 

दिल एक पूरा इंसान ढूँढता है 


पूरे दिन आराम देख कर 

कुछ पल काम ढूँढता हैं 


बस लिखना नहीं है काम मेरा 

ये सख्श एक नाम ढूँढता है


दिल टूटने के बाद कांच न किया 

बस इसी बात का इनाम ढूँढता हैं 

                                                   - शिनाख्त 

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