महफिलें

सबसे अलग अलग दोस्ती रखता हूँ 

फिर भी मैं सबसे दोस्ती रखता हूँ 


महफिलों के लिए लगते हैं काफी लोग 

अपनी महफ़िल के लिए दो एक दोस्त रखता हूँ 


महफिलों का सिर्फ सितारा बनना पसंद है मुझे 

सबके जैसा बनने की सोच दूर रखता हूँ 


मेरा तो कभी महफिलों में जी नहीं लगता 

फिर भी मिलने की कुछ मजबूरी रखता हूँ 


                                                             - शिनाख्त 

Comments

Popular posts from this blog

A POOL OF SMALL WINS

Unfinished shorts

Unfinished longs