कुछ लोग

कुछ लोग ख़राब मिलते हैं

कुछ लोग दिल में नहीं खिलते हैं

कुछ लोग होते हैं थोड़े अंदर से ख़ाली

अपना ख़ालीपन लोगों पर मढ़ते हैं


थोड़े दिल से ख़ाली लोग

नहीं समझ पाते दूसरे के दिल का हाल

उन दोस्तों से दूरी रखो

अपनों के लिए रखो नशा, पैसा, प्यार


मैं उनसे फिर मिलता नहीं

साथ फिर चलता नहीं

जो दिल से नहीं सुधरते

मैं उन्हें दिल में रखता नहीं


दुनिया है एक अनहोनी जगह

हर इंसान को मिलती है चुनौती यहाँ

पर कभी , बहुत थोड़े से इंसान मिल जाते हैं

साथ उनके हमारे ज़ख्म सिल पाते हैं 

ज़िन्दगी की हजारों की भीड़ में, लाखों हाथों से बेहतर 

कुछ चेहरे हमारे दिल में खिल जाते हैं


कभी मिल जाते हैं कुछ साँप भी रास्ते में

जो ज़हर छोड़ जाते हैं हमेशा वास्ते में

उन्हें दिल से उतार दो, छोड़ो यादें पुरानी

और बढ़ते चलो ज़िंदगी की नई कहानी

                                                  – शिनाख्त 



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