पत्थर दिल

 

सोचता था पत्थर कैसे बन जाते हैं
खाते-खाते ठोकर ऐसे बन जाते हैं
हम भी निकले थे दरिया की तलाश में
प्यास की कमी से लोग समंदर बन जाते हैं
कुछ बातें दिल में रखना भी जरूरी है
वरना लोग मील के पत्थर बन जाते हैं

..... To be continued

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