why and how to end some romantic relations ?

sometimes its very necessary to end a romantic relation from your side 

because of

 1.either the other person never share same feeling

 2. its become too hectic for both of you 

in my todays write up, i have dino james , sahir ludhyanvi and jaun elia in my defense and how they tell me to ending romantic relation


DINO JAMES - GOODBYE 


You know what time it is?

It's time to say goodbye.



मैं तुझसे रिहाई माँगता हूँ मेरी जान
मैं तुझसे विदाई माँगता हूँ मेरी जान
ये सफ़र में आगे सभी चीज़ें हैं bitter 
मैं तुझसे गुडबाय माँगता हूँ मेरी जान


मैं थक चुका हूँ मैं, राजा, करके बहस
तू आई मेरी लाइफ में, I think I'm really blessed

But now we are exhausted, अब दे नहीं पा रहे टेस्ट
अब दोनों हम फँस गए with destiny arrest

वो बातें बोलूँ layering, वो sitting on the chest
अब कुछ भी तो बचा नहीं है so let it go rest

अब छान के बस अच्छी यादें रखीं
मैंने पास में

ख़याल रखना, I wish you all the best.


यहाँ पे गर छोड़ा नहीं तो आगे सभी wrong babe
तेरे आगे होने लगा हूँ मैं baby conscious

साथ है पर खाली खाली लगता है बॉम्बे
जाते जाते मुझे ये तू आख़िरी का song दे

मैं पूरी नहीं कर पा रहा हूँ baby तेरी demands
और मेरी हरकतों से, राजा, है तू परेशान

खुद को पूरा सौंपा तुझे, तो बिखर जाएगी तू
तभी रहना पड़ता है baby मुझे यूँ nonchalant

तुझे रोते देखना मुझे पसंद नहीं है
जाना होगा पर जाने का मन नहीं है

पर बर्बादी के ऊपर साला ग़म सही है
खाली मैं और तू बचेंगे, वहाँ पर हम नहीं है


मैं तेरी बस भलाई माँगता हूँ मेरी जान
वो पुरानी लिखाई माँगता हूँ मेरी जान

मैं तुझसे मेरी स्याही माँगता हूँ मेरी जान
तेरे ऊपर अपनी आई माँगता हूँ मेरी जान

मैं तुझसे रिहाई माँगता हूँ मेरी जान
मैं तुझसे विदाई माँगता हूँ मेरी जान

ये सफ़र में आगे सभी चीज़ें हैं bitter
मैं तुझसे गुडबाय माँगता हूँ मेरी जान


हमने कोशिश तो की है but exhausted in love
बस move होते lips पर आ जा पहुँचता नहीं शब्द

अब हिम्मतें बची नहीं, साला हौसला है past
जो हुआ मैंने किया but I know it's not enough

तू ना रहे तो Dino तेरी फ़िक्र करे
तू रहे तो फिर बातें तेरी trigger करे

बस therapy में एक दूजे का ज़िक्र करे
मेरी मीठी बातें तुझे अब bitter लगे

मेरा जो chaos, baby तेरे लिए peace
तेरे लिए hug, baby मेरे लिए leash

You think you are too calm, लेकिन मुझे लगे beast
We know के धीरे धीरे we are going out of reach

ये मुझे साला लगता नहीं कि कभी होगा ठीक
Featuring तू है पर आगे हो ना जाए beef

मैं बुरा बनके कह दूँ चल वो आख़िरी के words
Let me do this dirty job and let me take the lead

(Outro)

अब मेरी बस बुराई माँगता हूँ मेरी जान
खुद से मैं तन्हाई माँगता हूँ मेरी जान

I wanna fly, मैं sky माँगता हूँ मेरी जान
रोने दे  cry माँगता हूँ मेरी जान



.......



jaun elia 

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम
बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूँ करें हम
ख़मोशी से अदा हो रस्म-ए-दूरी
कोई हंगामा बरपा क्यूँ करें हम
ये काफ़ी है कि हम दुश्मन नहीं हैं
वफ़ा-दारी का दावा क्यूँ करें हम
वफ़ा इख़्लास क़ुर्बानी मोहब्बत
अब इन लफ़्ज़ों का पीछा क्यूँ करें हम
सुना दें इस्मत-ए-मरियम का क़िस्सा
पर अब इस बाब को वा क्यों करें हम
ज़ुलेख़ा-ए-अज़ीज़ाँ बात ये है
भला घाटे का सौदा क्यों करें हम
हमारी ही तमन्ना क्यूँ करो तुम
तुम्हारी ही तमन्ना क्यूँ करें हम
किया था अह्द जब लम्हों में हम ने
तो सारी उम्र ईफ़ा क्यूँ करें हम
उठा कर क्यों न फेंकें सारी चीज़ें
फ़क़त कमरों में टहला क्यों करें हम
जो इक नस्ल-ए-फ़रोमाया को पहुँचे
वो सरमाया इकट्ठा क्यों करें हम
नहीं दुनिया को जब पर्वा हमारी
तो फिर दुनिया की पर्वा क्यूँ करें हम
बरहना हैं सर-ए-बाज़ार तो क्या
भला अंधों से पर्दा क्यों करें हम
हैं बाशिंदे उसी बस्ती के हम भी
सो ख़ुद पर भी भरोसा क्यों करें हम
चबा लें क्यों न ख़ुद ही अपना ढाँचा
तुम्हें रातिब मुहय्या क्यों करें हम
पड़ी रहने दो इंसानों की लाशें
ज़मीं का बोझ हल्का क्यों करें हम
ये बस्ती है मुसलमानों की बस्ती
यहाँ कार-ए-मसीहा क्यूँ करें हम
जौन एलिया


....

ख़ूब-सूरत मोड़ साहिर लुधियानवी चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों न मैं तुम से कोई उम्मीद रखूँ दिल-नवाज़ी की न तुम मेरी तरफ़ देखो ग़लत-अंदाज़ नज़रों से न मेरे दिल की धड़कन लड़खड़ाए मेरी बातों से न ज़ाहिर हो तुम्हारी कश्मकश का राज़ नज़रों से तुम्हें भी कोई उलझन रोकती है पेश-क़दमी से मुझे भी लोग कहते हैं कि ये जल्वे पराए हैं मिरे हमराह भी रुस्वाइयाँ हैं मेरे माज़ी की तुम्हारे साथ भी गुज़री हुई रातों के साए हैं तआ'रुफ़ रोग हो जाए तो उस का भूलना बेहतर त'अल्लुक़ बोझ बन जाए तो उस को तोड़ना अच्छा वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाएँ हम दोनों

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