आनंद - HOPE

जो जीता है , वो मरेगा 

जो रोता है , वो हसेगा । 


ज़िंदगी से ज्यादा शोर करते हैं मौत के जाम 

मगर मौत के बाद भी सबकी यादों में रहता हमारा नाम ।

 

और जब कोई करेगा हमें याद 

हम फिर से जियेंगे उसी के साथ ।।


जिंदगी और मौत ऊपर वाले के हाथ में है जहांपनाह, जिसे ना आप बदल सकते हैं, ना मैं। हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं, जिसकी डोर ऊपर वाले के हाथ बंधी है। कब, कौन, कैसे उठेगा, ये कोई नहीं जानता..!

Comments

  1. बहुत खूब बाबूमोशाय 👏

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

Unfinished shorts

Current thoughts

लापता