Ektarfa

एकतरफा मोहब्बत कभी न करना

इससे अच्छा तो खाई में अंधा मरना

आपका रोकर बिखरना और तड़पना

और उसे कुछ पता न चलना


एकतरफा मोहब्बत कभी नहीं करना


और भी ग़म हैं ज़माने में

मोहब्बत को यूँ ही ख़त्म न करना

ज़ख़्म और भी देती है दुनिया

बेवजह ज़ख्मोँ को कभी हराम न करना


एकतरफा मोहब्बत कभी न करना


लोगों की कभी शर्म न करना

दिल को कभी गरम न करना

बस रहना जैसा तुम चाहते हो रहना

खुद को कभी बेशर्म न करना


एकतरफा मोहब्बत कभी न करना


किसी को मुख़्तसर करने के लिए

कोई साया न खुद में ढलना

जैसे हो वैसे ही जीना

कभी किसी के लिए कोई दो रूप न करना


एकतरफा मोहब्बत कभी न करना


                                             – शिनाख्त 

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