A short course on love
आता है एक सख्श पसंद
उसके चेहरे से
उसकी चमड़ी से
उसके हुस्न के पेहरों से
फिर हर हरकत उसकी अच्छी लगती है
गलत होने पर भी सही लगती है
अगर वो है गलत तो आपकी जिम्मेदारी बनती है
अगर वो है सही तो आपकी होशियारी बनती है
उसकी बातें अच्छी लगने लगती हैं
कम दिमाग हो तो मीठी लगने लगती हैं
ज्यादा दिल की लगने लगती है
कम मिठास हो तो ज्यादा दिमाग की लगती है
दिमाग दिल से अच्छा लगता है
जैसे भी हो , वो इंसान तुम्हे बहुत अच्छा लगने लगता है
तुम्हे अपना चांद भी दिखाई दे जाए
तुम्हारी अपनी रात भी ले जाए
बात तो सीधी सी बोली उसने
तुम्हारा जी चुराके ले जाए
वो इतना अच्छा नहीं , वो तो आम है
ये आपकी सोच है , इसलिए वो खास है
पर जरूरी नहीं जो आपको सुंदर लगे
वो सबको सुंदर लगे
इसलिए दिल सबसे लड़ने को तैयार है
शायद यही वो प्यार है ।
– शिनाख्त
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