अकेले चल राही
तू अकेले चल राही,
अकेलेपन से ना डर राही,
हर समय नहीं होंगे तेरे पास लोग,
तू खुद को खुद लेकर चल राही।
तू अकेले चल राही
मिल जाएंगे संभालने को हज़ार हाथ,
तू कभी गिरने से ना डर राही।
डर सबको रोकता है अकेले चलने से,
तू डर को देखकर संभल राही।
तू अकेले चल राही।
एक साथ गया तो क्या हुआ,
आगे और भी हैं हल राही
जब ना करे तुझ पर कोई भरोसा,
तू खुद पर तो कर राही।
तू अकेले चल राही।
सब चलते हैं अकेले ही दुनिया में,
तू भी इस भीड़ से निकल राही,
तू खुद की हिम्मत खुद है,
ज़माने की फ़िक्र ना कर राही।
तू अकेले चल राही।
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