Availability/ Busy life / Loneliness

हर आदमी हर समय 
मौजूद नहीं रह पाता,
कोई तन्हा होकर भी
तन्हा नहीं रह पाता।

कभी मैं व्यस्त,
तो कभी मेरा दोस्त व्यस्त,
हम दोनों में से
एक हमेशा खाली नहीं रह पाता।

बड़ी मुश्किल से
निकालता हूँ दिल से वक़्त,
ज़िंदगी की भागदौड़ में
कोई किसी का नहीं रह पाता।

खुद को बुरा समझूँ
या दोस्त को,
जैसा भी हो,
रिश्ता हमेशा एक-सा नहीं रह पाता।

ऐसा क्यों न हो
कि व्यस्तता ही बचे बस  ,
मैं पूरी तरह व्यस्त भी
तो नहीं रह पाता।

एक फ़ोन ही तो
बचा रखे है संबंध अपने,
मैं फ़ोन नहीं चलाता,
और वो फ़ोन से दूर नहीं रह पाता।

इस दौर ने बक्शी है तन्हाई 
काम वालों को हमेशा ,
कोई चाहकर भी लोगों से 
हमेशा घिरा नहीं रह पाता । 

अपनी तन्हाई को
लेकर कहाँ जाऊँ,
मैं भी शायर किस्म का 
बिना बोले नहीं रह पाता।

या तो काम पर ध्यान दो,
या संबंधों पर,
इस जीवन में कभी 
संतुलन क्यों नहीं रह पाता?

- शिनाख्त  

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