Companionship / kaash koi hota

Kaash koi hota ..but hai nhi toh kya kare..
Akele jhelo ...prove yourself alone 
..
Harr baar aisa lagta hai koi dukh share karne ke liye hota 
But ab nhi hai ...and it's all on you...
Yaa toh kar lo yaa fir chod do..
It's single fight..
Either do it or leave it

Lagta hai koi toh ho
Par milte nhi sahi log 
Milte hai dogle 
kehta hun usse ja maa chuda

... 
there is a verse of talha anjum in ye dunya , and i guess its perfect for this state 
चेहरे बदलते रहे

ज़िंदगी वैसे ही चलती रही
दुनिया बदलती है फ़ितरतन
इसमें हमारी कोई गलती नहीं

पलती रही दिल में उदासी
अँधेरों से लेके रोशनी तक
ख़ामियों से ख़ामोशियों तक
होश से लेके मदहोशियों तक

अफ़सोस नहीं कि अफ़साने लिखे
वो अफ़साने बने अफ़सुरदगी पर

ख़ुदा, तू देता है बेहिसाब
मेरे दर्द में थोड़ी तो कमी कर
खिले न क्यों यहाँ अब वो गुलाब
क्यों रही बहार की कमी बस

क़िस्मत हमारे ही हाथ में है
उस पे इख़्तियार की है कमी बस

वो लोग भी गुज़र गए, वो घर भी जल चुके
वहाँ अब कुछ नहीं
वहाँ से अब गर्द उठे

ज़ख़्म तो भरेंगे दोस्त, वक़्त की मरहम में शिफ़ा है
पर वक़्त बेरहम है दोस्त
वो कब किसी के लिए रुका है

झुके न सर, फैलाएँ न हाथ हमारे
अब बस यही दुआ है

कभी-कभी आए सोच, जो हुआ वो ठीक ही हुआ है
सब्र से सबक़ जो मिले हैं
सब्र से अब मेरी सुलह है

कि कोई नहीं अगर तेरा,
तो मेरी जान ख़ुदा है

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