Pissed off

भाड़ में जाये लोग ये

नहीं है कोई समझने वाले

याद भी नहीं करते बेवजह

आते सिर्फ काम आने वाले 


गरीब को मजबूरी जानते हो

पर महसूस कैसे करोगे

कैसे समझोगे दिल किसी का 

पत्थर दिन बन जाने वाले 


किसी का मजाक बनाते 

बिना उसका हाल समझे 

ये जल्लाद है क्या 

दुनिया में आग लगाने वाले


मैं थक चुका हूं ऐसे लोगों से

लेकिन कुछ कह भी नहीं पाता 

अब बोलूंगा खुलकर ढंग से 

आये कोई अब हमे आज़माने वाले


- शिनाख्त


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