हम ऐसे हैं

आजमा ले हमें तू आज,

हम तेरा दिल न दुखाएँगे,

हम दिल वाले हैं जनाब,

तुझे समझ कहाँ आएँगे।


अगर बात तेरी ही रही,

तो जहन्नुम तक साथ निभाएँगे,

और वहाँ भी बात न बनी,

तो जहन्नुम भी जला आएँगे।


अगर तू करे भरोसा,

तो ज़मीन से आसमान कमाएँगे,

वैसे तो ख़्वाहिशें कम हैं,

पर तेरे लिए ताज भी लाएँगे।


हम दरियादिल ज़रूर हैं,

पर तुझे कभी न डुबाएँगे,

तू साथ रहे तो किनारे बनेंगे,

तू डूबे तो ख़ुद भी तैर जाएँगे।


कैसे किये जाते हैं ये सब काम 

हम तुझे ये भी सिखाएंगे 

वैसे तो काम के आदमी थे

अब तेरे बिना कहां काम आयेंगे।


छोड़ोगी तो याद ज़रूर आएँगे,

तेरी तन्हा रातों में खूब सताएँगे,

आएंगी हमारी बातें लौटकर

हम लौटकर वापस न आएँगे।


जिन हाथों को थामा था तूने,

वो फिर किसी के हाथ बन जाएँगे,

हम मोहब्बत दोबारा करेंगे ज़रूर 

पर तुझे दफ्न कर जाएंगे।


- शिनाख्त

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